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नाभिकीय ऊर्जा क्या है ऊर्जा संकट को कैसे समझा सकते


भारी नाभिक के हल्के नाभिक में टूटने एवं हल्के नाभिक को जोड़ने इस क्रम में जो ऊर्जा उत्पन्न होती है उसे नाभिकीय उर्जा कहते हैं ऊर्जा सबसे प्राचीनतम एवं नवीनतम स्रोत है क्योंकि ब्रह्मांड का निर्माण के समय समस्त तारों के ऊर्जा का स्रोत यही है कृत्रिम रूप से 1940 स्फर्मी द्वारा नाभिकीय विखंडन द्वारा इसे प्राप्त किया गया था





भारतीय ऊर्जा संकट के मुख्य रूप से 3 पहलू है





प्रथम ऊर्जा सीमित भंडार भारत में अपने कुल खनिज तेल जरूरतों का 70 परसेंट आयात करता है अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तेल का मूल्य स्थिरता भारतीय अर्थव्यवस्था को प्रभावित करती है एक अनुमान के अनुसार भारत में संचित कोयले तेल एवं प्राकृतिक गैस 20069 एवं 125 वर्षों में समाप्त हो जाएगी नाभिकीय ऊर्जा के लिए जरूरी नियम का पर्याप्त मात्रा का भाव है थोरियम के प्रचुर मात्रा मगर थोरियम आधारित अनुसंधान प्रायोगिक चरण में ही है





भारतीय ऊर्जा संकट का दूसरा पहलू ऊर्जा का उत्पादन है ऊर्जा के उत्पादन को बढ़ाने हेतु परंपरागत तरीकों में उच्च तकनीक एवं व्यापक फौजी की जरूरत होती है नाभिकीय ऊर्जा में उत्पादन की असीम संभावनाएं है परंतु भारतीय में इसकी सीमाएं हैं नाभिकीय ऊर्जा संयंत्र की स्थापना हेतु अत्याधुनिक उन्नत तकनीक कथा भारी मात्रा में पूंजी निवेश की जरूरत होती है भारत में इसका अभाव रहा है भारत अमेरिका की संधि से पहले अत्याधुनिक तकनीक भारत को उपलब्ध नहीं हो पा रहा था अपने यहां भारत शोध एवं विकास में अपेक्षाकृत काफी कम है करता है नाभिकीय संयंत्र सभी जगह स्थापित नहीं किए जा सकते क्योंकि पर्यावरण प्रदूषण की समस्या इसके साथ जुड़ी है





भारतीय ऊर्जा संकट का दूसरा पहलू है उत्पादित ऊर्जा का पुणे वितरण ऊर्जा का न्याय उचित वितरण एवं गंभीर समस्या है नाभिकीय संयंत्र प्रत्येक स्थान पर स्थापित नहीं किए जा सकते साथिया काफी पूजा लगती है इसके द्वारा उत्पादित ऊर्जा का वितरण एक समस्या है भारत के भौगोलिक विशेषताओं से संपन्न देश में एक और भी गंभीर समस्या है सभी पहलुओं से स्पष्ट होता है कि केवल नाम की यंत्र की स्थापना की भारतीय ऊर्जा संकट की समस्या का समाधान संभव नहीं है यद्यपि नाभिकीय ऊर्जा की असीम संभावनाएं है भारत अमेरिका नाभिकीय समझौता के बाद उत्पन्न तकनीक एवं इन दोनों को मिलने की संभावनाएं भी बढ़ गई है फिर भी केवल नाभिकीय संयंत्र से भारत की ऊर्जा संकट की समस्या का संभव नहीं है ऊर्जा संकट की समस्या का समाधान के लिए यह जरूरी है कि ऊर्जा की बचत प्रति जागरूकता तमाम गैर परंपरागत ऊर्जा स्रोत के समुचित चौहान को सुनिश्चित किया जाए और नाक की ऊर्जा पूरक की ही भूमिका निभा सकता है