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भारतीय राजव्यवस्था – नागरिकता !! Citizenship of India GK Questions in Hindi

भारतीय राजव्यवस्था – नागरिकता !! Citizenship of India GK Questions in Hindi




इस पोस्ट में हम आपको Indian Polity के एक Topic नागरिकता ( Citizenship of India )  के बारे में बताऐंगे ! Indian Polity से संबंधित अन्य टापिक के बारे में भी पोस्ट आयेंगी , व अन्य बिषयों से संबंधित पोस्ट भी आयेंगी , तो आपसे निवेदन है कि हमारी बेवसाईट को Regularly Visit करते रहिये !

भाग II : नागरिकता


अनुच्‍छेद 5 : संविधान के प्रारंभ पर नागरिकता।

अनुच्‍छेद 6 : पाकिस्‍तान से भारत को प्रवजन करने वाले कुछ व्‍यक्तियों के नागरिकता के अधिकार।

अनुच्‍छेद 7 : पाकिस्‍तान को प्रवजन करने वाले कुछ व्‍यक्तियों के नागरिकता के अधिकार।

अनुच्‍छेद 8 : भारत से बाहर रहने वाले भारतीय उद्भव के कुछ व्‍यक्तियों के नागरिकता के अधिकार।

अनुच्‍छेद 9 : विदेशी राज्‍य की नागरिकता स्‍वेच्‍छा से अर्जित करने वाले व्‍यक्तियों का नागरिक न रह जाना।

अनुच्‍छेद 10 : नागरिकता के अधिकारों का बने रहना।

अनुच्‍छेद 11 : संसद द्वारा नागरिकता के अधिकार का विधि द्वारा विनियमन किया जाना।

नागरिक कौन है?



  • नागरिक किसी समुदाय अथवा राज्‍य में निवास करने वाला वह व्‍यक्ति होता है, जिसे उस समुदाय अथवा राज्‍य की पूर्ण सदस्‍यता प्राप्‍त होती है।

  • नागरिक विदेशियों से भिन्‍न हैं क्‍योंकि विदेशियों को वे सभी अधिकार प्राप्‍त नहीं होते, जो किसी राज्‍य की पूर्ण सदस्‍यता के लिए अनिवार्य हैं।

  • संविधान के प्रारंभ पर प्रत्‍येक व्‍यक्ति जो भारत के राज्‍य क्षेत्र में रहा है

    • जो भारत के राज्‍य क्षेत्र में जन्‍मा था, या

    • जिसके माता-पिता में से कोई भारत के राज्‍य में जन्‍मा था,

    • जो ऐसे प्रारंभ से ठीक पहले कम-से-कम पाँच वर्ष तक भारत के राज्‍य क्षेत्र में मामूली तौर पर निवासी रहा है, भारत का नागरिक होगा।

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भारतीय नागरिकता अधिनियम 1955 में उपबंध है




  • 26 जनवरी, 1950 के बाद भारत में जन्‍मा कोई भी व्‍यक्ति, कतिपय अपेक्षाओं के अधीन रहते हुए भारत का नागरिक होगा,यदि उसके जन्‍म के समय उसका पिता भारत का नागरिक था।

  • पहला नागरिक संशोधन 1986 जिसमें पुरूष तथा भारतीय महिला की संतान भारतीय होगी। 1991 के संशोधन द्वारा भारतीय विवाहित पुरूष की संतान भी भारतीय होगी।

  • अनुच्‍छेद 6 में संविधान के प्रारंभ से पहले पाकिस्‍तान से प्रवास करने वाले व्‍यक्तियों की नागरिकता के अधिकारों का उपबंध किया गया है।

  • अनुच्‍छेद 8 में कोई व्‍यक्ति या उसके माता-पिता में से कोई पितामह या पितामही, मातामह या मातामही में से कोई भारत शासन अधिनियम 1935 में यथा-परिभाषित भारत में जन्‍मा था और जो भारत के बाहर किसी देश में निवासकर रहा है। उसे भारत का नागरिक समझा जाएगा।

  • यदि किसी व्‍यक्ति ने किसी विदेश राज्‍य की नागरिकता स्‍वेच्‍छा से अर्जित कर ली हो तो भारत की उसकी नागरिकता का अधिकार खत्‍म हो जाएगा।

  • राष्‍ट्रहित में भारत सरकार किसी व्‍यक्ति को दो नागरिकताएँ स्‍वीकार करने की अनुमति दे सकती है (जैसे-सांस्‍कृतिक राजदूत के आधार पर अमिताभ बच्‍चन, सुष्मिता सेन और ऐश्‍वर्या राय को दोहरी नागरिकता का अधिकार दिया गया है।)


नागरिकता कानून में संशोधन:1992

1992 ई. में संसद ने सर्वसम्‍मति से नागरिकता संशोधन विधेयक पारित किया। जिसके अंतर्गत यह व्‍यवस्‍था दी गई है कि भारत से बाहर पैदा होने वाले बच्‍चे को यदि उनकी मां भारत की नागरिक है, भारत की नागरिकता प्राप्‍त होगी। इससे पूर्व उसी दशा में किसी बच्‍चे को भारत की नागरिकता प्राप्‍त होती थी यदि उसका पिताभारत का नागरिक हो। इस प्रकार अब नागरिकता के प्रसंग में बच्‍चे की माता को पिता के समकक्ष स्थिति प्रदान कर दी गई।

भारतीय नागरिकता अधिनियम 2005



  • भारतीय मूल के लोगों को दोहरी नागरिकता देने संबंधी भारतीय नागरिकता (संशोधन) अधिनियम 2005, नागरिकता अधिनियम, 1955 को संशोधित करता है जिसके अंतर्गत नागरिकता अधिनियम, 1955 की चौथी अनुसूची को निकाल दिया गया है।

  • इसके अंतर्गत पाकिस्‍तान एवं बांग्‍लादेश को छोड़कर अन्‍य देशों में 26 जनवरी, 1950 के बाद जाकर बसे भारतीय मूल के सभी नागरिक भारत की विदेशी नागरिकता प्राप्‍त करने के योग्‍य हैं।

  • किसी अपराध में लिप्‍त या संदिग्‍ध आचरण वाले प्रवासी भारतीयों को दोहरी नागरिकता नहीं मिल सकेगी।

  • दोहरी नागरिकता के आधार पर प्रवासी मतदान में भाग नहीं ले सकते हैं, लोक सभा / राज्‍य सभा / विधानसभा / विधान-परिषद के चुनाव में भाग नहीं ले सकतेहैं और नही किसी संवैधानिक पद; जैसे- राष्‍ट्रपति, उपराष्‍ट्रपति, सर्वोच्‍च न्‍यायालय या उच्‍च न्‍यायालय के न्‍यायाधीश के पद पर नियुक्‍त हो सकते हैं।